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बाथरूम में लगे पत्थर की टाइल्स को कैसे चमकाएं | गेट सेट क्लीन | Get Set Clean By वनिता कासनियां पंजाब,?विज्ञापनDomex Fresh Guard Disinfectant Toilet Cleanerक्या आपके बाथरूम में लगे पत्थर की टाइल्स की चमक उड़ गयी है, और उनपर दाग़ भी जम गए हैं? इन्हें चमकाने की चिंता को जाएं भूल, चूंकि इन तरीक़ों से आप बाथरूम की टाइल्स की सफ़ाई आसानी से कर सकते हैं। तो चलिए, जानते है इन घरेलू टिप्स के बारे में।पत्थर की टाइल्स साफ़ करने के लिए ऐसिड का इस्तेमाल न करें। इससे टाइल्स ख़राब हो सकती हैं।१) बेकिंग सोडा से गंदगी दूर करेंपत्थर की टाइल्स में जमी धूल की वजह से ये गंदी दिखाई दे सकती हैं। साथ ही, इन्हें सही समय पर साफ़ नहीं किया तो इनसे गंध भी आ सकती है। इस गंदगी को दूर करने के लिए बड़े बॉउल में १ बड़ा चम्मच बेकिंग सोडा डालें। फिर इसमें ३-४ छोटे चम्मच पानी मिलाकर मिश्रण तैयार करें। मिश्रण को टाइल्स पर लगाकर १०-१५ मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। अब पुराने ब्रश की मदद से मिश्रण को रगड़ें। आख़िर में टाइल्स को साफ़ पानी से धोएं और सूखे कपड़ें से पोंछें।२) माइल्ड डिटर्जेंट से साफ़ करेंविज्ञापनDomex Fresh Guard Disinfectant Toilet Cleanerपत्थर की टाइल्स पर लगे खारे पानी के दाग़ आसानी से दिखाई देते हैं। इन दाग़ों को साफ़ करने के लिए बाल्टीभर पानी में ३ बड़े चम्मच माइल्ड डिटर्जेंट मिलाकर घोल तैयार करें। अब स्क्रबर को घोल में डुबोकर टाइल्स पर हल्के हाथ से गोलाकार रगड़ें। फिर साफ़ पानी से इन्हें धोएं और सूखे कपड़ें से पोंछें।३) डिशवॉशिंग लिक्विड से चमकाएंआपके बाथरूम में लगी पत्थर की टाइल्स पर अगर गंदगी का राज है, तो इन्हें साफ़ करने के लिए बाल्टीभर गुनगुने पानी में ३ बड़े चम्मच डिशवॉशिंग लिक्विड मिलाकर घोल तैयार करें। फिर स्पंज को घोल में डुबोकर टाइल्स पर गोलाकार रगड़ें। अब साफ़ पानी में कपड़ा भिगोकर टाइल्स को पोंछें, और फिर सूखे कपड़े से दोबारा पोंछें। इससे टाइल्स पर पानी के दाग़ नहीं दिखेंगे, साथ ही वो चमकने लगेंगी।४) टाइल्स को पॉलिश करनेवाला पाउडर छिड़केंपत्थर की टाइल्स की चमक बरक़रार रखने के लिए इनपर लगे दाग़ साफ़ करने चाहिए। इसके लिए सबसे पहले टाइल्स को पॉलिश करनेवाला पाउडर छिड़कें। फिर गीले कपड़ें से टाइल्स पर गोलाकार रगड़ें। इससे सारे दाग़ साफ़ होंगें और आपकी टाइल्स चमकने लगेंगी।इन आसान टिप्स से आप बाथरूम में लगी पत्थर की टाइल्स की खोई हुई चमक वापस ला सकते हैं।प्रतिपुष्टि सहायक

बाथरूम में लगे पत्थर की टाइल्स को कैसे चमकाएं | गेट सेट क्लीन | Get Set Clean


By वनिता कासनियां पंजाब,?
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Domex Fresh Guard Disinfectant Toilet Cleaner

क्या आपके बाथरूम में लगे पत्थर की टाइल्स की चमक उड़ गयी है, और उनपर दाग़ भी जम गए हैं? इन्हें चमकाने की चिंता को जाएं भूल, चूंकि इन तरीक़ों से आप बाथरूम की टाइल्स की सफ़ाई आसानी से कर सकते हैं। तो चलिए, जानते है इन घरेलू टिप्स के बारे में।

पत्थर की टाइल्स साफ़ करने के लिए ऐसिड का इस्तेमाल न करें। इससे टाइल्स ख़राब हो सकती हैं।

१) बेकिंग सोडा से गंदगी दूर करें

पत्थर की टाइल्स में जमी धूल की वजह से ये गंदी दिखाई दे सकती हैं। साथ ही, इन्हें सही समय पर साफ़ नहीं किया तो इनसे गंध भी आ सकती है। इस गंदगी को दूर करने के लिए बड़े बॉउल में १ बड़ा चम्मच बेकिंग सोडा डालें। फिर इसमें ३-४ छोटे चम्मच पानी मिलाकर मिश्रण तैयार करें। मिश्रण को टाइल्स पर लगाकर १०-१५ मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। अब पुराने ब्रश की मदद से मिश्रण को रगड़ें। आख़िर में टाइल्स को साफ़ पानी से धोएं और सूखे कपड़ें से पोंछें।

२) माइल्ड डिटर्जेंट से साफ़ करें

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पत्थर की टाइल्स पर लगे खारे पानी के दाग़ आसानी से दिखाई देते हैं। इन दाग़ों को साफ़ करने के लिए बाल्टीभर पानी में ३ बड़े चम्मच माइल्ड डिटर्जेंट मिलाकर घोल तैयार करें। अब स्क्रबर को घोल में डुबोकर टाइल्स पर हल्के हाथ से गोलाकार रगड़ें। फिर साफ़ पानी से इन्हें धोएं और सूखे कपड़ें से पोंछें।

३) डिशवॉशिंग लिक्विड से चमकाएं

आपके बाथरूम में लगी पत्थर की टाइल्स पर अगर गंदगी का राज है, तो इन्हें साफ़ करने के लिए बाल्टीभर गुनगुने पानी में ३ बड़े चम्मच डिशवॉशिंग लिक्विड मिलाकर घोल तैयार करें। फिर स्पंज को घोल में डुबोकर टाइल्स पर गोलाकार रगड़ें। अब साफ़ पानी में कपड़ा भिगोकर टाइल्स को पोंछें, और फिर सूखे कपड़े से दोबारा पोंछें। इससे टाइल्स पर पानी के दाग़ नहीं दिखेंगे, साथ ही वो चमकने लगेंगी।

४) टाइल्स को पॉलिश करनेवाला पाउडर छिड़कें

पत्थर की टाइल्स की चमक बरक़रार रखने के लिए इनपर लगे दाग़ साफ़ करने चाहिए। इसके लिए सबसे पहले टाइल्स को पॉलिश करनेवाला पाउडर छिड़कें। फिर गीले कपड़ें से टाइल्स पर गोलाकार रगड़ें। इससे सारे दाग़ साफ़ होंगें और आपकी टाइल्स चमकने लगेंगी।

इन आसान टिप्स से आप बाथरूम में लगी पत्थर की टाइल्स की खोई हुई चमक वापस ला सकते हैं।

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नृसिंह जयंती सभी भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएँ जय जय लक्ष्मी नारायण हरे.........#बाल #वनिता #महिला #वृद्ध #आश्रम की #अध्यक्ष #श्रीमती #वनिता_कासनियां #पंजाब #संगरिया #राजस्थान🙏🙏❤️नृसिंह जयंती वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। इस जयंती का हिन्दू धर्म में बड़ा ही महत्त्व है। भगवान श्रीनृसिंह शक्ति तथा पराक्रम के प्रमुख देवता हैं। पौराणिक धार्मिक मान्यताओं एवं धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इसी तिथि को भगवान विष्णु ने 'नृसिंह अवतार' लेकर दैत्यों के राजा हिरण्यकशिपु का वध किया था। भगवान विष्णु ने अधर्म के नाश के लिए कई अवतार लिए तथा धर्म की स्थापना की।कथा :-नृसिंह अवतार भगवान विष्णु के प्रमुख अवतारों में से एक है। नरसिंह अवतार में भगवान विष्णु ने आधा मनुष्य व आधा शेर का शरीर धारण करके दैत्यों के राजा हिरण्यकशिपु का वध किया था। धर्म ग्रंथों में भगवान विष्णु के इस अवतरण की कथा इस प्रकार है-प्राचीन काल में कश्यप नामक ऋषि हुए थे, उनकी पत्नी का नाम दिति था। उनके दो पुत्र हुए, जिनमें से एक का नाम 'हरिण्याक्ष' तथा दूसरे का 'हिरण्यकशिपु ' था।हिरण्याक्ष को भगवान विष्णु ने पृथ्वी की रक्षा हेतु वराह रूप धरकर मार दिया था। अपने भाई कि मृत्यु से दुखी और क्रोधित हिरण्यकशिपु ने भाई की मृत्यु का प्रतिशोध लेने के लिए अजेय होने का संकल्प किया। सहस्त्रों वर्षों तक उसने कठोर तप किया। उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्माजी ने उसे अजेय होने का वरदान दिया। वरदान प्राप्त करके उसने स्वर्ग पर अधिकार कर लिया। लोकपालों को मारकर भगा दिया और स्वत: सम्पूर्ण लोकों का अधिपति हो गया। देवता निरूपाय हो गए थे। वह असुर हिरण्यकशिपु को किसी प्रकार से पराजित नहीं कर सकते थे।भक्त प्रह्लाद का जन्म :-अहंकार से युक्त हिरण्यकशिपु प्रजा पर अत्याचार करने लगा। इसी दौरान हिरण्यकशिपु कि पत्नीकयाधु ने एक पुत्र को जन्म दिया, जिसका नाम 'प्रह्लाद ' रखा गया। एक राक्षस कुल में जन्म लेने के बाद भी प्रह्लाद में राक्षसों जैसे कोई भी दुर्गुण मौजूद नहीं थे तथा वह भगवान नारायण का भक्त था। वह अपने पिता हिरण्यकशिपु के अत्याचारों का विरोध करता था।हिरण्यकशिपु का वध :-भगवान-भक्ति से प्रह्लाद का मन हटाने और उसमें अपने जैसे दुर्गुण भरने के लिए हिरण्यकशिपु ने बहुत प्रयास किए। नीति-अनीति सभी का प्रयोग किया, किंतु प्रह्लाद अपने मार्ग से विचलित न हुआ। तब उसने प्रह्लाद को मारने के लिए षड्यंत्र रचे, किंतु वह सभी में असफल रहा। भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद हर संकट से उबर आता और बच जाता था। अपने सभी प्रयासों में असफल होने पर क्षुब्ध हिरण्यकशिपु ने प्रह्लाद को अपनी बहनहोलिका की गोद में बैठाकर जिन्दा ही जलाने का प्रयास किया। होलिका को यह वरदान प्राप्त था कि अग्नि उसे नहीं जला सकती, परंतु जब प्रह्लाद को होलिका की गोद में बिठा कर अग्नि में डाला गया तो उसमें होलिका तो जलकर राख हो गई, किंतु प्रह्लाद का बाल भी बाँका नहीं हुआ। इस घटना को देखकर हिरण्यकशिपु क्रोध से भर गया। उसकी प्रजा भी अब भगवान विष्णु की पूजा करने लगी थी। तब एक दिन हिरण्यकशिपु ने प्रह्लाद से पूछा कि बता- "तेरा भगवान कहाँ है?" इस पर प्रह्लाद ने विनम्र भाव से कहा कि "प्रभु तो सर्वत्र हैं, हर जगह व्याप्त हैं।" क्रोधित हिरण्यकशिपु ने कहा कि "क्या तेरा भगवान इस स्तम्भ (खंभे) में भी है?" प्रह्लाद ने हाँ में उत्तर दिया। यह सुनकर क्रोधांध हिरण्यकशिपु ने खंभे पर प्रहार कर दिया। तभी खंभे को चीरकर श्रीनृसिंह भगवान प्रकट हो गए और हिरण्यकशिपु को पकड़कर अपनी जाँघों 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करने के लिए उनके नृसिंह गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। पूजा के पश्चात् एकांत में कुश के आसन पर बैठकर रुद्राक्ष की माला से नृसिंह भगवान के मंत्र का जप करना चाहिए। इस दिन व्रती को सामर्थ्य अनुसार तिल , स्वर्ण तथा वस्त्रादि का दान देना चाहिए। इस व्रत को करने वाला व्यक्ति लौकिक दुःखों से मुक्त हो जाता है। भगवान नृसिंह अपने भक्त की रक्षा करते हैं व उसकी समस्त मनोकामनाएँ पूर्ण करते हैं।#Vnita🙏🙏❤️मंत्र :-नृसिंह #जयंती के दिन निम्न मंत्र का जाप करना चाहिए-1. ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्।नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्यु मृत्युं नमाम्यहम्॥2. ॐ नृम नृम नृम नर सिंहाय नमः ।इन #मंत्रों का #जाप करने से समस्त #दुखों का निवारण होता है तथा #भगवान #नृसिंह की कृपा प्राप्त होती है।❤️ राधे राधे ❤️

नृसिंह जयंती सभी भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएँ  जय जय लक्ष्मी नारायण हरे......... #बाल #वनिता #महिला #वृद्ध #आश्रम की #अध्यक्ष #श्रीमती #वनिता_कासनियां #पंजाब #संगरिया #राजस्थान🙏🙏❤️ नृसिंह जयंती वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। इस जयंती का हिन्दू धर्म में बड़ा ही महत्त्व है। भगवान श्रीनृसिंह शक्ति तथा पराक्रम के प्रमुख देवता हैं। पौराणिक धार्मिक मान्यताओं एवं धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इसी तिथि को भगवान विष्णु ने 'नृसिंह अवतार' लेकर दैत्यों के राजा हिरण्यकशिपु का वध किया था। भगवान विष्णु ने अधर्म के नाश के लिए कई अवतार लिए तथा धर्म की स्थापना की। कथा :- नृसिंह अवतार भगवान विष्णु के प्रमुख अवतारों में से एक है। नरसिंह अवतार में भगवान विष्णु ने आधा मनुष्य व आधा शेर का शरीर धारण करके दैत्यों के राजा हिरण्यकशिपु का वध किया था। धर्म ग्रंथों में भगवान विष्णु के इस अवतरण की कथा इस प्रकार है- प्राचीन काल में कश्यप नामक ऋषि हुए थे, उनकी पत्नी का नाम दिति था। उनके दो पुत्र हुए, जिनमें से एक का नाम 'हरिण्याक्ष' तथा दूसरे का 'हिरण्यकशिपु ' था। हिरण्याक्ष...