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┅•••⊰❉‼श्री राधे राधे ‼❉⊱•••┅*🌹💖 #जय_श्री_कृष्णा जी 💖🌹**━❀꧁श्री राधे🌹राधे🌹 जी꧂❀-----*╲\╭┓ *मेरे लिए तो .प्रेम का मतलब ही राधाकृष्ण हैं*जहाँ दो नही बस एक ही नाम हैं *राधाकृष्ण* ,जहाँ आँखे *कान्हा* की हैं, *श्रंगार राधा* का हैं,जहाँ *बंसी कान्हा* की हैं, थिरकन में *पायल राधा* की हैं, जहाँ रिश्ता नही फिर भी रुह बंधी हुई हैं,जहाँ दो नही बस एक ही नाम हैं *राधाकृष्ण* ..*जय श्री राधेकृष्णा*╭🌷 ╯ ⚛🙏⚛┗╯\╲ 🌹 #Զเधे_Զเधे_जी.....💦 ❀#_जय_श्री__कृष्ण 🌱 💥#राधे_राधे❀༄༅🌹#राधा_रानी💖 के एक बार नाम लेने की कीमत #महिमाएक बार एक व्यक्ति था। वह एक संत जी के पास गया। और कहता है की संत जी, मेरा एक बेटा है। वो न तो पूजा पाठ करता है और न ही भगवान का नाम लेता है। आप कुछ ऐसा कीजिये की उसका मन भगवान में लग जाये।संत कहते है ठीक है बेटा एक दिन तू उसे मेरे पास लेकर आ जा।अगले दिन वो व्यक्ति अपने बेटे को लेकर संत के पास गया। अब संत जी उसके बेटे से कहते है की- बेटा, बोल #राधे_राधे।वो कहता है की मैं क्यू कहूँ?संत कहते है बेटा बोल- राधे राधे।वो इसी तरह से मना करता रहा और अंत में उसने कहा की मैं क्यू कहूँ राधे राधे।संत जी ने कहा- जब तुम मर जाओगे और यमराज के पास जाओगे तब यमराज तुमसे पूछगे की कभी भगवान का नाम लिया कोई अच्छा काम किया। तब तुम कह देना की मैंने जीवन में एक बार श्री राधा रानी के नाम को बोला है। बस एक बार। इतना बताकर वह चले गए।समय व्यतीत हुआ और एक दिन वो मर गया। यमराज के पास पहुंचा। यमराज ने पूछा-कभी कोई अच्छा काम किया है।उसने कहा- हाँ महाराज, मैंने जीवन में एक बार श्री जी के , #राधा_जी के नाम को बोला है। आप उसकी महिमा बताइये।यमराज सोचने लगा की एक बार नाम की महिमा क्या होगी? इसका तो मुझे भी नही पता है। यम बोले की चलो इंद्र के पास वो ही बतायेगे।तो वो व्यक्ति बोला मैं ऐसे नही जाऊंगा पहले पालकी लेकर आओ उसमे बैठ कर जाऊंगा।यमराज ने सोचा ये बड़ी मुसीबत है। फिर भी पालकी मंगवाई गई और उसे बिठाया। 4 कहार (पालकी उठाने वाले) लग गए। वो बोला यमराज जी सबसे आगे वाले कहार को हटा कर उसकी जगह आप लग जाइये।यमराज जी ने ऐसा ही किया।फिर सब मिलकर इंद के पास पहुंचे और बोले की एक बार #श्री_राधा_रानी के नाम लेने की महिमा क्या है?इंद्र बोले की महिमा तो बहुत है। पर क्या है ये मुझे भी नही मालूम। बोले की चलो ब्रह्मा जी को पता होगा वो ही बतायेगे।वो व्यक्ति बोला इंद्र जी ऐसा है दूसरे कहार को हटा कर आप यमराज जी के साथ मेरी पालकी उठाइये।अब एक ओर यमराज पालकी उठा रहे है। दूसरी तरफ इंद्र लगे हुए है। पहुंचे ब्रह्मा जी के पास। *ब्रह्मा* ने सोचा की ऐसा कौन सा प्राणी ब्रह्मलोक में आ रहा है की स्वयं इंद्र और यमराज पालकी उठा कर ला रहे है।ब्रह्मा के पास पहुंचे। सभी ने पूछा की एक बार राधा रानी के नाम लेने की महिमा क्या है?#ब्रह्मा_जी बोले की महिमा तो बहुत है पर वास्तविकता में क्या है ये मुझे भी नही पता। लेकिन हाँ भगवान *शिव जी* को जरूर पता होगा।वो व्यक्ति बोला की तीसरे कहार को हटाइये और उसकी जगह ब्रह्मा जी आप लग जाइये।अब क्या करते महिमा तो जाननी थी। पालकी की और और यमराज है, एक और इंद्र और पीछे ब्रह्मा जी है।सब मिलकर भगवान शिव जी के पास गए। और भगवान शिव से पूछा की राधा जी के नाम की महिमा क्या है? केवल एक बार नाम लेने की महिमा आप कृपा करके बताइये।भगवान शिव बोले की मुझे भी नही पता। लेकिन भगवान विष्णु जी को जरूर पता होगी।वो व्यक्ति शिव जी से बोला की अब आप भी पालकी उठाने में लग जाइये। इस प्रकार ब्रह्मा शिव यमराज_और_इंद्र चारों उस व्यक्ति की पालकी उठाने में लग गए।और विष्णु जी के लोक पहुंचे। और विष्णु से जी पूछा की एक बार राधा रानी के नाम लेने की महिमा क्या है।विष्णु जी बोले अरे! जिसकी पालनी को स्वयं मृत्य का राजा यमराज, स्वर्ग का राजा इंद्र , ब्रह्म लोक के राजा ब्रह्मा और साक्षात भगवान शिव पालकी उठा रहे हो इससे बड़ी महिमा क्या होगी। जब आपने इसको पालकी में उठा ही लिया है। सिर्फ एक बार राधा रानी" के नाम लेने के कारण तो अब ये मेरी गोद में बैठने का अधिकारी हो गया है।भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं कहा है की जो केवल ‘रा’ बोलते है तो मैं सब काम छोड़ कर खड़ा हो जाता हु। और जैसे ही कोई ‘धा’ शब्द का उच्चारण करता है मैं उसकी और दौड़ लगा कर उसे अपनी गोद में भर लेता हूँ ।🌼🥀🌼🥀🌼🥀🌼🥀🌼🥀🌼🥀🌼🥀🌼श्री मन्न नारायण के श्री चरणों में जो बैठती हैं वह माँ महालक्ष्मी है🚩🙏🏻 और स्वयं श्री मन्न नारायण जिनके श्री चरणों में बैठते है वह हमारी #किशोरी_राधै_रानी_जू है🌿💖🙏🏻 🌼🥀🌼🥀🌼🥀🌼🥀🌼🥀🌼🥀🌼🥀🌼 तो🙏🏻 प्रेम से कहिए🌿💞राधै राधै🌿💖🙏🏻#हमारो_धन_राधा_श्री_राधा_श्री_राधा🌿💖🙏🏻#जीवन_धन_राधा_राधा_राधा_राधा_राधा🌿💖🙏🏻#परम_धन_राधा_राधा_राधा_राधा_राधा🌿💖🙏🏻#मेरे_कान्हा🌿💖🙏🏻 हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे🚩🏹🙏🏻 हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे🌿💖🙏🏻 💖🌿हरे कृष्णा🙏🏻हरे कृष्णा🌿💖#जय_जय_श्री_राधे💖🙏🏻 #राधै_राधै💖🙏🏻#हरिहर_ब्रम्हा_नमोस्तुभ्यम्🚩🙏🏻#गर्व_से_कहो_हम_हिंदू_है🚩💪🏻#अखंड_हिंदू🚩💪🏻#हमारी_धर्म_संस्कृति_हमारी_पहचान🚩☝🏻#जय_सनातन_जय_श्री_राम🚩🏹🙏🏻जय श्री राधे कृष्णा जी 🍀🌹🌻शुभ संध्या वंदनम् हरि के चरणों में 🌿❤🍂जय श्री राधे कृष्णा जी 🍀🌹🌻शुभ संध्या वंदनम् हरि के चरणों 💓💓 सावली, सूरत पे , मोहन,… दिल दीवाना हो गया….-2दिल दीवाना, हो गया … मेरा …दिल दीवाना , हो गया -2सावली , सूरत पे , मोहन, …दिल दीवाना , हो गया….-2🧡🧡 💟💟💞💞एक तो , तेरे , नयन तिरछे …. , दूसरा , काजल , लगा -2तीसरा… तीसरा , नजरे मिलाना … दिल दीवाना हो गया …सावली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गयादिल दीवाना हो गया … मेरा …दिल दीवाना हो गया💕💕 💖💖एक तो, तेरे होठ, पतले…. , दूसरा ,लाली लगी… -2तीसरा….तीसरा , तेरा मुस्कुराना……दिल दीवाना हो गया …सावली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया….-2दिल दीवाना हो गया … मेरा …दिल दीवाना हो गया💗💗 🙏🙏🙏एक तो, तेरे हाथ , कोमल ….. , दूसरा मेहँदी लगी..-2तीसरा…तीसरा , मुरली बजाना….दिल दीवाना हो गया …सावली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया….-2💜💜दिल दीवाना हो गया … मेरा …दिल दीवाना हो गया 💗💗एक तो , तेरे पाँव , नाजुक … , दूसरा , पायल बंधी ….-2तीसरा…..तीसरा , घुंघरू बजाना …..दिल दीवाना हो गया …सावली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया….-2दिल दीवाना हो गया … मेरा …दिल दीवाना हो गया एक तो , तेरे भोग , छप्पन …. , दूसरा , माखन धरा …-2तीसरा….तीसरा , खीचड़े , का खाना…..दिल दीवाना हो गया …सावली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया….-2दिल दीवाना हो गया … मेरा …दिल दीवाना हो गया💓💓💓💓 💖💖💖एक तो , तेरे साथ , राधा …. , दूसरा , रुक्मण खड़ी …2तीसरा …तीसरा , मीरा , का आना…..दिल दीवाना हो गया …सावली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया….-2दिल दीवाना हो गया … मेरा …दिल दीवाना हो गया❤❤ 💖💖💖एक तो , तुम , देवता हो … , दूसरा , प्रियतम मेरे ….2तीसरा … तीसरा , सपनो , में आना …दिल दीवाना हो गया …सावली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया….-2दिल दीवाना हो गया … मेरा …दिल दीवाना हो गयाश्री श्याम आशीर्वाद ।। श्री हनुमत कृपा ।।💓💓💓💓🌺‼️श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी‼️🌺 🌺‼️हे नाथ नारायण वासुदेवा‼️🌺🌺‼️श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी‼️🌺 🌺‼️हे नाथ नारायण वासुदेवा‼️🌺🌺‼️श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी‼️🌺 🌺‼️हे नाथ नारायण वासुदेवा‼️🌺 राधे राधे By वनिता कासनियां पंजाब!! 🌼🥀!! जय श्री राधे कृष्णा !!🥀🌼#_जय_सनातन⛳ #Jai_Sanatan⛳ #JaiSanatan⛳ #जय_सनातन⛳

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                   *मेरे लिए तो .प्रेम का
 मतलब ही राधाकृष्ण हैं*

जहाँ दो नही बस एक ही नाम हैं *राधाकृष्ण* ,

जहाँ आँखे *कान्हा* की हैं,
 *श्रंगार राधा* का हैं,

जहाँ *बंसी कान्हा* की हैं,
 थिरकन में *पायल राधा* की हैं, 

जहाँ रिश्ता नही  
फिर भी रुह बंधी हुई हैं,

जहाँ दो नही बस एक ही नाम हैं *राधाकृष्ण* ..

*जय श्री राधेकृष्णा*

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#राधा_रानी💖 के एक बार नाम लेने की कीमत #महिमा

एक बार एक व्यक्ति था। वह एक संत जी के पास गया। और कहता है की संत जी, मेरा एक बेटा है। वो न तो पूजा पाठ करता है और न ही भगवान का नाम लेता है। आप कुछ ऐसा कीजिये की उसका मन भगवान में लग जाये।

संत कहते है ठीक है बेटा एक दिन तू उसे मेरे पास लेकर आ जा।
अगले दिन वो व्यक्ति अपने बेटे को लेकर संत के पास गया। अब संत जी उसके बेटे से कहते है की- बेटा, बोल #राधे_राधे।

वो कहता है की मैं क्यू कहूँ?
संत कहते है बेटा बोल- राधे राधे।

वो इसी तरह से मना करता रहा और अंत में उसने कहा की मैं क्यू कहूँ राधे राधे।

संत जी ने कहा- जब तुम मर जाओगे और यमराज के पास जाओगे तब यमराज तुमसे पूछगे की कभी भगवान का नाम लिया कोई अच्छा काम किया। तब तुम कह देना की मैंने जीवन में एक बार श्री राधा रानी के नाम को बोला है। बस एक बार। इतना बताकर वह चले गए।

समय व्यतीत हुआ और एक दिन वो मर गया। यमराज के पास पहुंचा। यमराज ने पूछा-कभी कोई अच्छा काम किया है।
उसने कहा- हाँ महाराज, मैंने जीवन में एक बार श्री जी के , #राधा_जी के नाम को बोला है। आप उसकी महिमा बताइये।

यमराज सोचने लगा की एक बार नाम की महिमा क्या होगी? इसका तो मुझे भी नही पता है। यम बोले की चलो इंद्र के पास वो ही बतायेगे।
तो वो व्यक्ति बोला मैं ऐसे नही जाऊंगा पहले पालकी लेकर आओ उसमे बैठ कर जाऊंगा।

यमराज ने सोचा ये बड़ी मुसीबत है। फिर भी पालकी मंगवाई गई और उसे बिठाया। 4 कहार (पालकी उठाने वाले) लग गए। वो बोला यमराज जी सबसे आगे वाले कहार को हटा कर उसकी जगह आप लग जाइये।
यमराज जी ने ऐसा ही किया।

फिर सब मिलकर इंद के पास पहुंचे और बोले की एक बार #श्री_राधा_रानी के नाम लेने की महिमा क्या है?
इंद्र बोले की महिमा तो बहुत है। पर क्या है ये मुझे भी नही मालूम। बोले की चलो ब्रह्मा जी को पता होगा वो ही बतायेगे।
वो व्यक्ति बोला इंद्र जी ऐसा है दूसरे कहार को हटा कर आप यमराज जी के साथ मेरी पालकी उठाइये।

अब एक ओर यमराज पालकी उठा रहे है। दूसरी तरफ इंद्र लगे हुए है। पहुंचे ब्रह्मा जी के पास। *ब्रह्मा* ने सोचा की ऐसा कौन सा प्राणी ब्रह्मलोक में आ रहा है की स्वयं इंद्र और यमराज पालकी उठा कर ला रहे है।

ब्रह्मा के पास पहुंचे। सभी ने पूछा की एक बार राधा रानी के नाम लेने की महिमा क्या है?

#ब्रह्मा_जी बोले की महिमा तो बहुत है पर वास्तविकता में क्या है ये मुझे भी नही पता। लेकिन हाँ भगवान *शिव जी* को जरूर पता होगा।
वो व्यक्ति बोला की तीसरे कहार को हटाइये और उसकी जगह ब्रह्मा जी आप लग जाइये।

अब क्या करते महिमा तो जाननी थी। पालकी की और और यमराज है, एक और इंद्र और पीछे ब्रह्मा जी है।

सब मिलकर भगवान शिव जी के पास गए। और भगवान शिव से पूछा की राधा जी के नाम की महिमा क्या है? केवल एक बार नाम लेने की महिमा आप कृपा करके बताइये।

भगवान शिव बोले की मुझे भी नही पता। लेकिन 

भगवान विष्णु जी को जरूर पता होगी।
वो व्यक्ति शिव जी से बोला की अब आप भी पालकी उठाने में लग जाइये। इस प्रकार ब्रह्मा शिव यमराज_और_इंद्र चारों उस व्यक्ति की पालकी उठाने में लग गए।

और विष्णु जी के लोक पहुंचे। और विष्णु से जी पूछा की एक बार राधा रानी के नाम लेने की महिमा क्या है।

विष्णु जी बोले अरे! जिसकी पालनी को स्वयं मृत्य का राजा यमराज, स्वर्ग का राजा इंद्र , ब्रह्म लोक के राजा ब्रह्मा और साक्षात भगवान शिव पालकी उठा रहे हो इससे बड़ी महिमा क्या होगी। जब आपने इसको पालकी में उठा ही लिया है। सिर्फ एक बार राधा रानी" के नाम लेने के कारण तो अब ये मेरी गोद में बैठने का अधिकारी हो गया है।

भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं कहा है की जो केवल ‘रा’ बोलते है तो मैं सब काम छोड़ कर खड़ा हो जाता हु। और जैसे ही कोई ‘धा’ शब्द का उच्चारण करता है मैं उसकी और दौड़ लगा कर उसे अपनी गोद में भर लेता हूँ ।

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श्री मन्न नारायण के श्री चरणों में जो बैठती हैं वह माँ महालक्ष्मी है🚩🙏🏻 

और स्वयं श्री मन्न नारायण जिनके श्री चरणों में बैठते है वह हमारी #किशोरी_राधै_रानी_जू है🌿💖🙏🏻 

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   तो🙏🏻 प्रेम से कहिए🌿💞राधै राधै🌿💖🙏🏻

#हमारो_धन_राधा_श्री_राधा_श्री_राधा🌿💖🙏🏻
#जीवन_धन_राधा_राधा_राधा_राधा_राधा🌿💖🙏🏻
#परम_धन_राधा_राधा_राधा_राधा_राधा🌿💖🙏🏻

#मेरे_कान्हा🌿💖🙏🏻

     हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे🚩🏹🙏🏻
           हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे🌿💖🙏🏻

          💖🌿हरे कृष्णा🙏🏻हरे कृष्णा🌿💖

#जय_जय_श्री_राधे💖🙏🏻 #राधै_राधै💖🙏🏻
#हरिहर_ब्रम्हा_नमोस्तुभ्यम्🚩🙏🏻
#गर्व_से_कहो_हम_हिंदू_है🚩💪🏻#अखंड_हिंदू🚩💪🏻
#हमारी_धर्म_संस्कृति_हमारी_पहचान🚩☝🏻
#जय_सनातन_जय_श्री_राम🚩🏹🙏🏻
जय श्री राधे कृष्णा जी 🍀🌹🌻
शुभ संध्या वंदनम् हरि के चरणों में 🌿❤🍂जय श्री राधे कृष्णा जी 🍀🌹🌻
शुभ संध्या वंदनम् हरि के चरणों 

       💓💓 सावली, सूरत पे , मोहन,… दिल दीवाना हो गया….-2
दिल दीवाना, हो गया … मेरा …दिल दीवाना , हो गया -2
सावली , सूरत पे , मोहन, …दिल दीवाना , हो गया….-2🧡🧡
 

💟💟💞💞एक तो , तेरे , नयन तिरछे …. , दूसरा , काजल , लगा -2
तीसरा… तीसरा , नजरे मिलाना … दिल दीवाना हो गया …
सावली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया
दिल दीवाना हो गया … मेरा …दिल दीवाना हो गया💕💕
 

💖💖एक तो, तेरे होठ, पतले…. , दूसरा ,लाली लगी… -2
तीसरा….तीसरा , तेरा मुस्कुराना……दिल दीवाना हो गया …
सावली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया….-2
दिल दीवाना हो गया … मेरा …दिल दीवाना हो गया💗💗
 

🙏🙏🙏एक तो, तेरे हाथ , कोमल ….. , दूसरा मेहँदी लगी..-2
तीसरा…तीसरा , मुरली बजाना….दिल दीवाना हो गया …
सावली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया….-2💜💜
दिल दीवाना हो गया … मेरा …दिल दीवाना हो गया
 

💗💗एक तो , तेरे पाँव , नाजुक … , दूसरा , पायल बंधी ….-2
तीसरा…..तीसरा , घुंघरू बजाना …..दिल दीवाना हो गया …
सावली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया….-2
दिल दीवाना हो गया … मेरा …दिल दीवाना हो गया
 

एक तो , तेरे भोग , छप्पन …. , दूसरा , माखन धरा …-2
तीसरा….तीसरा , खीचड़े , का खाना…..दिल दीवाना हो गया …
सावली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया….-2
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तीसरा … तीसरा , सपनो , में आना …दिल दीवाना हो गया …
सावली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया….-2
दिल दीवाना हो गया … मेरा …दिल दीवाना हो गया
श्री श्याम आशीर्वाद ।। श्री हनुमत कृपा ।।💓💓💓💓🌺‼️श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी‼️🌺 
          🌺‼️हे नाथ नारायण वासुदेवा‼️🌺
🌺‼️श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी‼️🌺 
          🌺‼️हे नाथ नारायण वासुदेवा‼️🌺
🌺‼️श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी‼️🌺 
          🌺‼️हे नाथ नारायण वासुदेवा‼️🌺
 राधे राधे
By वनिता कासनियां पंजाब!!

           🌼🥀!! जय श्री राधे कृष्णा !!🥀🌼

#_जय_सनातन⛳ #Jai_Sanatan⛳ 
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   बलुवाना न्यूज पंजाब 7 किलो चूरा पोस्त सहित ड्राईवर-कंडक्टर काबू अबोहर, 20 दिसंबर (बलुवाना न्यूज पंजाब):  फिरोजपुर के डीआईजी रणजीत सिंह, फाजिल्का के एसएसपी भूपिंद्र सिंह के दिशा निर्देशों पर एसपीडी गुरविंद्र सिंह संघा,  डीएसपी बल्लुआना विभोर शर्मा, डीएसपी अबोहर सुखविंद्र सिंह बराड़ द्वारा जिले को नशामुक्त करने तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत उनके दिशा निर्देशों का पालन करते हुए थाना सदर के प्रभारी इकबाल सिंह, एएसआई गुरमेल सिंह, जसविंद्र सिंह दौराने गश्त सैयदांवाली के निकट नाकाबंदी कर रखी थी कि सामने से एक कैंटर पीबी 10एचजी 2717 आता दिखाई दिया। शक के आधार पर कैंटर को रोककर तलाशी ली तो उसमें से 7 किलो चूरा पोस्त बरामद हुई। पकड़े गए आरोपी की पहचान हरमनजीत सिंह व जतिंद्रपाल सिंह पुत्रान कुलदीप सिंह वासी चिमना थाना सदर जगरावां जिला लुधियाना देहाती के रूप में हुई। दोनों आरोपियों के खिलाफ सदर थाना अबोहर में मामला दर्ज किया गया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। फोटो: 1, जानकारी देती पुलिस, पकड़े गए आरोपी व बरामद कैंटर baluw...

❁══❁❁═ ══❁❁══❁❁ राधे माला किर्तन पोस्ट ❁❁══❁❁═ ══❁❁══❁हे कृष्ण🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏सुना है , आँखों मे तेरी , प्रेम समन्दर बसते हैं । फिर भी हम, एक बून्द , पानी को तरसते हैं ।🌹मिटा दो , जन्मों जन्मों की प्यास , साँवरे। 💐🪻प्रेम उत्सव मे बीत जाये , जीवन डगर प्यारे।🌹🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴मेरी सांस सांस में तेरा, है नाम मुरली वाले॥मुझे चरणों से लगा ले, मेरे श्याम मुरली वाले।भक्तो की तुमने विपदा टारी मुझे भी आके थाम मुरलीवाले।।🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷विघ्न बनाये तुमने, कर पार मुरली वाले॥मुझे चरणों से लगा ले, मेरे श्याम मुरली वाले।मेरी सांस सांस में तेरा, है नाम मुरली वाले॥🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸पतझड़ है मेरा जीवन, बन के बहार आजा।सुन ले पुकार कान्हा, बस एक बार आजा।बैचैन मन के तुम ही, आराम मुरली वाले॥💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦💦मुझे चरणों से लगा ले, मेरे श्याम मुरली वाले।मेरी सांस सांस में तेरा, है नाम मुरली वाले॥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥तुम हो दया के सागर, जनमों की मैं हूँ प्यासी।दे दो जगह मुझे भी, चरणों में बस ज़रा सी।सुबह तुम ही हो, तुम ही, मेरी शाम मुरली वाले॥मुझे चरणों से लगा ले, मेरे श्याम मुरली वाले।मेरी सांस सांस में तेरा, है नाम मुरली वाले॥👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏मुझे चरणों से लगा ले, मेरे श्याम मुरली वाले।मेरी सांस सांस में तेरा, है नाम मुरली वाले॥मुझे चरणों से लगा ले, मेरे श्याम मुरली वाले🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿रूप सलोना देख श्याम का,सुधबुध मेरी खोई,नी मैं कमली होई,नी मैं कमली होई,कमली श्याम दी कमली,कमली श्याम दी कमली।।🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻सखी पनघट पर यमुना के तट पर,लेकर पहुंची मटकी,भूल गई सब एक बार जब,छवि देखि नटखट की,देखत ही मैं हुई बाँवरी,उसी रूप में खोई,नी मैं कमली होई,नी मैं कमली होई।🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂रूप सलोना दैख श्याम का,सुधबुध मेरी खोई,नी मैं कमली होई,नी मैं कमली होई।।🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁कदम के नीचे अखियाँ मीचे,खड़ा था नन्द का लाला,मुख पर हंसी हाथ में बंसी,मोर मुकुट गल माला,तान सुरीली मधुर नशीली,तन मन दियो भिगोई,नी मैं कमली होई,नी मैं कमली होई।❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️रूप सलोना दैख श्याम का,सुधबुध मेरी खोई,नी मैं कमली होई,नी मैं कमली होई।।🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹सास ननन्द मोहे पल-पल कोसे,हर कोई देवे ताने,बीत रही क्या मुझ बिरहन पर,ये कोई नहीं जाने,पूछे सब निर्दोष बावरी,तट पर काहे गई,नी मैं कमली होई,नी मैं कमली होई।☘️☘️☘️☘️☘️☘️☘️☘️रूप सलोना दैख श्याम का,सुधबुध मेरी खोई,नी मैं कमली होई,नी मैं कमली होई।।🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺रूप सलोना देख श्याम का,सुधबुध मेरी खोई,नी मैं कमली होई,नी मैं कमली होई,कमली श्याम दी कमली,कमली श्याम दी कमली।।#Vnitaराधे राधे 🌲🙏🌲🙏🌲🙏🌲🙏🌲#बाल #वनिता #महिला #वृद्ध #आश्रम की #टीम #द्वारका जी जाते हुए ◢█◈★◈■⚀■◈★◈█◣GOOD MORNING DOS ⫷▓▓▓(✴ ✴)▓▓▓ ◥█◈★◈■⚀■◈★◈ ██ ◥◤★ 💕कुछ गहरा सा लिखना था___❦︎ इश्क से ज्यादा क्या लिखूं,❦︎❣︎_____सुनो अब #जिंदगी _लिखनी है___ #तुमसे_ज्यादा क्या लिखूं..!! 🍒🌷 नस_नस मे #नशा है ते हर #सांस को तेरी ही #तलब है, ऐसे मे 🥰 अब दूर कैसे रहूँ #तुझसे तू ही #इश्क मेरा, 🥰तू ही #मोहब्बत है।❣️💞तोड़ दूँ.....सारी 🥰 “बंदिशें और 😘 तुझसे लिपट......जाऊं..!❣️💞💖सुन.....लूँ तेरी “धड़कन“🥰 और....तेरी 😘बाहों में सिमट जाऊं..!💞💞❣️छू लूँ🥰 मेरे “सांसो“ से..... तेरे “सांसो तेरी...... हर सांस में घुल 😘जाऊं..!💞 💞💖तेरे 🥰 "दिल" में... उतर कर, तेरी.... "रूह" से मिल 😘जाऊं..!!💞 #Vnita 🖤♦️━━•❣️•✮✮┼ ◢ ▇ ◣ ♥️ ◢ ▇ ▇ ▇ ▇ ◣ ◢ ▇ ▇ ◥ ▇ ▇ ▇ ▇ ▇ ▇ ◥ ▇ ▇ ▇ ▇ ◥ ▇ ▇ ◥ ╔══❤️═ ♥️ #कान्हा ╚══❤️═राधे रादेधे═╝♥️═╗ ◤ ◤ ◤ ◤ ▇ ◣┼✮┼✮━━♦️💖🖤💖 ❣️“ को,💖 को,💞“💖 मै,💖रा 💖🍒🌷💖❣︎◥◤◥◤ ██████◤⫸ TO

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कभी विष्णु कभी शिव बन भक्त को छकाते भगवान भक्तों को आनन्द और शिक्षा देने के लिए होती है भगवान की लीला!!!!!!! By वनिता कासनियां पंजाब ?तीन बार ऐसा हुआ कि नरहरि सुनार को आंखें बंद करने पर शंकर और आंखें खोलने पर विट्ठल भगवान के दर्शन होते थे । तब नरहरि सुनार को आत्मबोध हुआ कि जो शंकर हैं, वे ही विट्ठल (विष्णु) हैं और जो विट्ठल हैं, वे ही शंकर हैं, दोनों एक ही हरिहर हैं । भगवान शिव और विष्णु की एकता दर्शाती एक मनोरंजक भक्ति कथा,,,,,,इस कथा को लिखने का उद्देश्य पाठकों को यह बताना है कि भगवान विष्णु और शंकर में कोई भेद नहीं है, दोनों एक ही हैं । भगवान शंकर और विष्णु वास्तव में दो घड़ों में रखे हुए जल की भांति हैं । जल एक ही है, सिर्फ घड़े दो हैं । इसी भाव को लोगों तक पहुंचाने के लिए भगवान शंकर ने अपने भक्त नरहरि सुनार के साथ एक लीला की । भगवान जब कोई लीला करते हैं तो उसके पीछे कोई महान शिक्षा या आदर्श छिपा रहता है और भक्तों को उससे आनन्द मिलता है ।नरहरि सुनार : शिव भक्त पर विष्णु द्रोहीपुराने समय में पण्ढरपुर में नरहरि सुनार नाम के ऐसे शिव भक्त हुए जिन्होंने पण्ढरपुर में रहकर भी कभी पण्ढरीनाथ श्रीपाण्डुरंग के दर्शन नहीं किए । उनकी ऐसी विलक्षण शिवभक्ति थी । लेकिन भगवान को जिसे अपने दर्शन देने होते हैं, वे कोई-न-कोई लीला रच ही देते हैं ।भगवान की लीला से एक व्यक्ति इन्हें श्रीविट्ठल (भगवान विष्णु) की कमर की करधनी बनाने के लिए सोना दे गया और उसने भगवान की कमर का नाप बता दिया । नरहरि ने करधनी तैयार की, पर जब वह भगवान को पहनाई गयी तो वह चार अंगुल बड़ी हो गयी । उस व्यक्ति ने नरहरि से करधनी को चार अंगुल छोटा करने को कहा । करधनी सही करके जब दुबारा श्रीविट्ठल को पहनाई गयी तो वह इस बार चार अंगुल छोटी निकली । फिर करधनी चार अंगुल बड़ी की गयी तो वह भगवान को चार अंगुल बड़ी हो गयी । फिर छोटी की गयी तो वह चार अंगुल छोटी हो गयी । इस तरह करधनी को चार बार छोटा-बड़ा किया गया ।आंखों पर पट्टी बांधकर नरहरि ने लिया भगवान का नाप!!!!!!लाचार होकर नरहरि सुनार ने स्वयं चलकर श्रीविट्ठल का नाप लेने का निश्चय किया । पर कहीं भगवान के दर्शन न हो जाएं, इसलिए उन्होंने अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली । हाथ बढ़ाकर जो वह मूर्ति की कमर टटोलने लगे तो उनके हाथों को पांच मुख, दस हाथ, सर्प के आभूषण, मस्तक पर जटा और जटा में गंगा—इस तरह की शिवजी की मूर्ति का अहसास हुआ । उनको विश्वास हो गया कि ये तो उनके आराध्य भगवान शंकर ही हैं ।उन्होंने अपनी आंखों की पट्टी खोल दी और ज्यों ही मूर्ति को देखा तो उन्हें श्रीविट्ठल के दर्शन हुए । फिर आंखें बंद करके मूर्ति को टटोला तो उन्हें पंचमुख, चन्द्रशेखर, गंगाधर, नागेन्द्रहाराय श्रीशंकर का स्वरूप प्रतीत हुआ।आंखें बंद करने पर शंकर, आंखें खोलने पर विट्ठल!!!!!!!तीन बार ऐसा हुआ कि आंखें बंद करने पर शंकर और आंखें खोलने पर नरहरि सुनार को विट्ठल भगवान के दर्शन होते थे । तब नरहरि सुनार को आत्मबोध हुआ कि जो शंकर हैं, वे ही विट्ठल (विष्णु) हैं और जो विट्ठल हैं, वे ही शंकर हैं, दोनों एक ही हरिहर हैं ।अभी तक उनकी जो भगवान शंकर और विष्णु में भेदबुद्धि थी, वह दूर हो गयी और उनका दृष्टिकोण व्यापक हो गया । अब वे भगवान विट्ठल के भक्तों के ‘बारकरी मण्डल’ में शामिल हो गए । सुनार का व्यवसाय करते हुए हुए भी इन्होंने अभंग (भगवान विट्ठल या बिठोवा की स्तुति में गाए गए छन्द) की रचना की । इनके एक अभंग का भाव कितना सुन्दर है—‘भगवन् ! मैं आपका एक सुनार हूँ, आपके नाम का व्यवहार (व्यवसाय) करता हूँ । यह गले का हार देह है, इसका अन्तरात्मा सोना है। त्रिगुण का सांचा बनाकर उसमें ब्रह्मरस भर दिया । विवेक का हथौड़ा लेकर उससे काम-क्रोध को चूर किया और मनबुद्धि की कैंची से राम-नाम बराबर चुराता रहा । ज्ञान के कांटे से दोनों अक्षरों को तौला और थैली में रखकर थैली कंधे पर उठाए रास्ता पार कर गया। यह नरहरि सुनार, हे हरि ! तेरा दास है, रातदिन तेरा ही भजन करता है ।’शिव-द्रोही वैष्णवों को और विष्णु-द्वेषी शैवों को इस कथा से सीख लेनी चाहिए ।पद्मपुराण पा ११४।१९२ में भगवान शंकर विष्णुजी से कहते हैं—न त्वया सदृशो मह्यं प्रियोऽस्ति भगवन् हरे ।पार्वती वा त्वया तुल्या न चान्यो विद्यते मम ।।अर्थात्—औरों की तो बात ही क्या, पार्वती भी मुझे आपके समान प्रिय नहीं है ।इस पर भगवान विष्णु ने कहा—‘शिवजी मेरे सबसे प्रिय हैं, वे जिस पर कृपा नहीं करते उसे मेरी भक्ति प्राप्त नहीं होती है ।’कूर्मपुराण में ब्रह्माजी ने कहा है—‘जो लोग भगवान विष्णु को शिवशंकर से अलग मानते हैं, वे मनुष्य नरक के भागी होते हैं ।’* सिव द्रोही मम भगत कहावा। सो नर सपनेहुँ मोहि न पावा॥संकर बिमुख भगति चह मोरी। सो नारकी मूढ़ मति थोरी॥भावार्थ:- जो शिव से द्रोह रखता है और मेरा भक्त कहलाता है, वह मनुष्य स्वप्न में भी मुझे नहीं पाता। शंकरजी से विमुख होकर (विरोध करके) जो मेरी भक्ति चाहता है, वह नरकगामी, मूर्ख और अल्पबुद्धि है॥* संकरप्रिय मम द्रोही सिव द्रोही मम दास।ते नर करहिं कलप भरि घोर नरक महुँ बास॥भावार्थ:- जिनको शंकरजी प्रिय हैं, परन्तु जो मेरे द्रोही हैं एवं जो शिवजी के द्रोही हैं और मेरे दास (बनना चाहते) हैं, वे मनुष्य कल्पभर घोर नरक में निवास करते हैं॥

कभी विष्णु कभी शिव बन भक्त को छकाते भगवान भक्तों को आनन्द और शिक्षा देने के लिए होती है भगवान की लीला!!!!!!! By  वनिता कासनियां पंजाब  ? तीन बार ऐसा हुआ कि नरहरि सुनार को आंखें बंद करने पर शंकर और आंखें खोलने पर विट्ठल भगवान के दर्शन होते थे । तब नरहरि सुनार को आत्मबोध हुआ कि जो शंकर हैं, वे ही विट्ठल (विष्णु) हैं और जो विट्ठल हैं, वे ही शंकर हैं, दोनों एक ही हरिहर हैं । भगवान शिव और विष्णु की एकता दर्शाती एक मनोरंजक भक्ति कथा,,,,,, इस कथा को लिखने का उद्देश्य पाठकों को यह बताना है कि भगवान विष्णु और शंकर में कोई भेद नहीं है, दोनों एक ही हैं । भगवान शंकर और विष्णु वास्तव में दो घड़ों में रखे हुए जल की भांति हैं । जल एक ही है, सिर्फ घड़े दो हैं । इसी भाव को लोगों तक पहुंचाने के लिए भगवान शंकर ने अपने भक्त नरहरि सुनार के साथ एक लीला की । भगवान जब कोई लीला करते हैं तो उसके पीछे कोई महान शिक्षा या आदर्श छिपा रहता है और भक्तों को उससे आनन्द मिलता है । नरहरि सुनार : शिव भक्त पर विष्णु द्रोही पुराने समय में पण्ढरपुर में नरहरि सुनार नाम के ऐसे शिव भक्त हुए जिन्होंने पण्ढरपुर में रहकर ...